Thursday, 11 August 2011

MAA - THE MOTHER

माँ 

माँ के आते ही 

लौट आता है मेरा बचपन

मेरे असमय सफ़ेद होते बालों

और झुरियाते चेहरे को देख कर

वह चिंतित हो जाती है
 और अपनी गठिया का दर्द भूल कर

बनाने लगती है

शुद्ध घी में गोंद व मेवे के लड्डू

पिलाने लगती है जबरदस्ती

बादाम मिला मलाईदार दूध

झुंझलाती है बहू पर

जो नहीं रखती

उसके फूल से बेटे का ध्यान 

जब खुश होती है

सुनाती है किस्से

जिसमें नन्हा राजकुमार

मैं ही होता हूँ

उस वक्त उसकी आँखों में शैतानी से

मुस्कुराता है मेरा बचपन

जब तक माँ है

नहीं मर सकता

मेरा बचपन |

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