Monday, 8 August 2011

BHARAT KE NAGRIKO SE EK VINAMRA APPEAL


भारत के नागरिकों से एक विनम्र  निवेदन

मेरे देश वासियों ,
एक विनम्र निवेदन,

हमारे देश को पहले विदेशियों ने लूटा, अब  अपने ही नेता लूट रहे है, पर.....
 हमारे देश का राजनीतिक ढांचा दुनिया से अलग है, मिस्र एवं लीबिया जैसे तानाशाओ का राज नहीं है यहाँ पर|  हमारे लोकतंत्र की जड़े मजबूत है, मतदाता काफी समझदार हो गया है, उसके वोट में बहुत ताकत है, मतदाता की  जागरूकता से जैसा  अभी-अभी   महा-भ्रष्ट, करुना-निधि के दल के साथ हुआ, वैसा ही आने वाले चुनाओ में सभी भ्रष्ट राजनीतिक दलों का सुफडा साफ़ होने वाला है|
इस कारण इन दलों के कई छोटे और बड़े नेता और कार्यकर्ता जो " आप और  हम"  के बीच में ही हमारे साथ रहते है, वे बेरोजगार हो जायेंगे इनकी दूकान-दारी (लूट की) बंद हो जायेगी, और वे स्वयं  अपमानित महसूस करेंगे|
ऐसे समय  में देशवासियों को सय्यम रखना होगा, इन लोगो का तिरस्कार न करिए , इनको मानसिक और सामाजिक सहारा दीजिये, वर्ना ....
वर्ना ... ये उग्र हो जायेंगे, खिसियानी बिल्ली की तरह खम्बा नोंचेंगे,  खुलकर देश द्रोही हो जायेंगे, आतंकवादी बन जायेंगे, हमारे समाज के दुश्मन बन जायेंगे, हम सबके लिए बड़ा खतरा बन जायेंगे|

अतः आम जनता से पुनः निवेदन है, इनको तिरस्कार से न देखे प्यार से सुधरने का मौका दीजिये | आखिर ये हमारे भाई ही है हमारे देश वासी ही है (एक आध को छोड़कर) | विदेशी होते तो तो इनको लात, मारकर भगा देते | पर हमें  इनको प्यार से सुधरने का मौका देना है |

धन्यवाद,

सविनय निवेदक,
लख्मीचंद तोलानी

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