BOLO.. CONGRESS... KI JAY ?????? ... (MUST READ A REAL LIKE STORY)
by Lakhmichand Tolani on Saturday, August 27, 2011 at 8:02pm
भैय्या,
मै लखमी चंद तोलानी,आज, अपना जनम दिन मानाने, नर्मदा मैय्या के तट ओम्कारेश्वर गया....
वहां घाट पर मेरा पुराना परिचित किसान संजय परदेसी मुझे देखकर बहुत खुश हुआ,
बोला,
सर जी, आज इस गरीब के घर पर भोजन कीजिये,
मैंने ख़ुशी से हां कर दी,
उसने नर्मदा मैय्या में एक खाली पलास्टिक का झोला डूबा कर , प्रार्थना की,
मैय्या,, महंगाई में हम तो रुखा सुखा खा लेते है ,आज हमारे तोलानी सर के स्वागत के लिए एक बड़ी मछली दे दे,,
मैय्या तो दयालु होती है, सीधे सच्चे लोगो की प्रार्थना जरुर सुनती है.. मैय्या ने झट से झोले में एक बड़ी मछली दाल दी,
उसने झोले का मुह बाँध लिया और मुझे घर ले गया,,
मुझे और मछली को देखकर बच्चे खुश हो गए,
पर,
उसकी बीबी उदास हो गयी,
उसने बीबी से पूछा क्यों उदास हो? उसने कहा घर में तेल नहीं है मछली कैसे पकाऊ?
उसने कहा कोई बात नहीं नमक लगाकर भुन दो,
बीबी ने कहा गैस भी ख़त्म हो गयी,,
उसने कहा सिगड़ी में भुन दो,
बीबी ने कहा कोयला, लकड़ी कुछ भी नहीं है...
मैंने पैसे देकर मदद करनी चाही...
संजय परदेसी खुद्दार है, उसने पैसे नहीं लिए, वापिस नर्मदा मैय्या के तट पर आकर मछली को आजाद कर के छोड़ दिया....
मछली आजाद होते ही बहुत खुश हुई,उसने पानी से उछलकर हवा में छलांग लगाई...
जोर से नारा लगाया..........
बोलो कांग्रेस की जय.......हो,,,,,
(( आओ हम सब मिलकर बोले, महाबलि (महा भ्रष्ट ), कांग्रेस की जय (पराजय).......... हो.....))