Saturday, 27 August 2011

BOLO.. CONGRESS... KI JAY ?????? ... (MUST READ A REAL LIKE STORY)



BOLO.. CONGRESS... KI JAY ?????? ... (MUST READ A REAL LIKE STORY)

by Lakhmichand Tolani on Saturday, August 27, 2011 at 8:02pm

भैय्या,
मै लखमी चंद तोलानी,आज, अपना जनम दिन मानाने, नर्मदा मैय्या के तट ओम्कारेश्वर गया....
वहां घाट पर मेरा पुराना परिचित किसान संजय परदेसी मुझे देखकर बहुत खुश हुआ,
बोला,
सर जी, आज इस गरीब के घर पर भोजन कीजिये,
मैंने ख़ुशी से हां कर दी,
उसने नर्मदा मैय्या में एक खाली पलास्टिक का झोला डूबा कर , प्रार्थना की,
मैय्या,, महंगाई में हम तो रुखा सुखा खा लेते है ,आज हमारे तोलानी सर के स्वागत के लिए एक बड़ी मछली दे दे,,
मैय्या तो दयालु होती है, सीधे सच्चे लोगो की प्रार्थना जरुर सुनती है.. मैय्या ने झट से झोले में एक बड़ी मछली दाल दी,
उसने झोले का मुह बाँध लिया और मुझे घर ले गया,,
मुझे और मछली को देखकर बच्चे खुश हो गए,
पर,
उसकी बीबी उदास हो गयी,
उसने बीबी से पूछा क्यों उदास हो? उसने कहा घर में तेल नहीं है मछली कैसे पकाऊ?
उसने कहा कोई बात नहीं नमक लगाकर भुन दो,
बीबी ने कहा गैस भी ख़त्म हो गयी,,
उसने कहा सिगड़ी में भुन दो,
बीबी ने कहा कोयला, लकड़ी कुछ भी नहीं है...
मैंने पैसे देकर मदद करनी चाही...
संजय परदेसी खुद्दार है, उसने पैसे नहीं लिए, वापिस नर्मदा मैय्या के तट पर आकर मछली को आजाद कर के छोड़ दिया....

मछली आजाद होते ही बहुत खुश हुई,उसने पानी से उछलकर हवा में छलांग लगाई...
जोर से नारा लगाया..........
बोलो कांग्रेस की जय.......हो,,,,,

(( आओ हम सब मिलकर बोले, महाबलि (महा भ्रष्ट ), कांग्रेस की जय (पराजय).......... हो.....))

Sunday, 21 August 2011

मनमोहन सिंह एवं ठाकुर... एक तुलना.......


इसमें दोष नहीं मन मोहन का,,,
दोष है दूषित प्रणाली का...

हां हम सब सहमत है की आदरणीय मनमोहन सिंह जी एक इमानदार,कुशल अर्थशास्त्री एवं बेहतर प्रशासक एवं नेता है| प्रधामंत्री के पद के लिए अति-उपयुक्त भी है| हमें ऐसे लोगो की सरकार में सख्त जरुरत भी है|

पर,,

फिर भी उनकी सरकार अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकार क्यों???

हम सब को पता है की वे मात्र कठपुतली पी.एम्. है,उनके हाथ बंधे नहीं है बल्कि कटे हुए है,
वे चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते,अपनी व्यथा वे इमानदारी से कई बार व्यक्त भी कर चुके है, गठ-बंधन की मज़बूरी भी बता चुके है|

इसमें दोष उनका नहीं, हमारी चुनाव प्रणाली का है,,,

आज अगर वे जनता द्वारा सीधे प्रधान मंत्री चुने गए होते तो, अपनी मर्जी से चुनकर सभी दलों से अच्छे लोगो को मंत्री  बनाते, अगर कोई गलती करता तो उसको बदल देते, देश के विकास और जनता के कल्याण के लिए साहसिक फैसले लेते| 


भ्रष्टाचार एक मानवीय अवगुण  है, जहा भी मानव है वहा ये रहेगा, पूरी तरह से तो ख़त्म कभी हो नहीं सकता पर,,, दुनिया के कई देशो की तरह ८०-९०% नियंत्रित तो किया ही जा सकता है, बाकी १०-२०% आटे में नमक की तरह रहता तो इतना नुक्सान देश और जनता का न होता| पर आज तो नमक में आटा है यानी ८०-९०% भ्रष्टाचार हो गया है|

अब एक अहम् बात....

ठाकुर के हाथ भी कटे हुए थे... पर उसने बहादुरी से, बहादुर लोगो की मदद से लड़ाई लड़ी,और गब्बर को ख़त्म किया...
मनमोहन जी भी ये बहादुरी क्यों नहीं दिखाते....
क्यों,क्यों,क्यों?????
अगर वे बहादुर नहीं है तो कुर्सी क्यों नहीं छोड़ देते???

अब भी कुछ नहीं बिगड़ा है....श्री मनमोहन जी, देश की खातिर शहीद हो जाइए... कुछ कर दिखाइए...
आपकी छवि तो इमानदारी की है ही, आप इतिहास में देश के शहीदों की सूचि में भी अंकित हो जायोगे...

कुछ करिए.....
या तो...हिम्मत दिखाइए ...
या फिर...
कुर्सी छोड़ दीजिये....

विनम्र निवेदक,
लख्मीचंद तोलानी...

Friday, 19 August 2011

ANNA (AAM JANTA) KI AANDHI v/s SONIYA GANDHI

दोस्तों,
जैसा की मैंने १५, अगस्त को अपने ब्लॉग में लिखा था लगता है वैसी ही कुछ रण नीति पर सोनिया चल रही है|

अन्ना ने एक महीने पहले जब ऐलान किया की १६ अगस्त को वे धरने पर बैठेंगे, तो, सोनिया को  पता था की अन्ना जो कहते है वो करते है, इसीलिए;;;;

वे एक रण नीति के तहत, खुद सर्जरी के बहाने राहुल को लेकर अमेरिका भाग गयी, अपने वफादार (पट्टीदार) दिग्गी के मुह पे ताला लगा दिया (आजकल दिग्गी इसी रण नीति के कारण खामोश है), जब लोगो ने हल्ला मचाया तो राहुल को वापिस इंडिया तो भेज दिया पर उसको भी खामोश रहने को  कहा|

सोनिया की रण नीति यह है की, जैसे रामदेव के साथ कांग्रेस ने लफड़ा किया था, उस से ज्यादा अन्ना के साथ लफड़ा होगा| इसका ठीकरा मन मोहन के सर फोड़कर उनको हटाकर, राहुल के पी. एम्. बन ने का रास्ता साफ़ हो जायेगा|

पर वे ये भूल गयी की की अन्ना(आम जनता) की आंधी इनके पुरे परिवार को उड़ाकर इटली ले जाकर पटक देगी|

जय हिंद, जय भारत|||

Monday, 15 August 2011

BHRASHT SARKAAR SE JANTA KE 2 SAWAL

महा-भ्रष्ट सरकार से जनता के २ सवाल....

आज कुछ समय पहले मैंने अपने मित्र से अमेरिका में बात की, उसने बताया की अमेरिका में,  भारत का मजाक उड़ाया जा रहा है की एक ,गर्भाशय  की "सामान्य सर्जरी" (जो की भारत  के किसी भी सरकारी जिला अस्पताल में डाक्टर महीने में १०-२० महिलाओ की करते है, और ३-४ दिन में छुट्टी दे देते है), के लिए, भारत की शीर्ष नेता , अमेरिका में आ गयी| ये सर्जरी इतनी अर्जेंट भी  नहीं थी कि तुरंत करने कि जरुरत होती कुछ महीने बाद भी हो सकती थी| निजता के सम्मान की अपील करके ये बताया नहीं जा रहा कि ऐसी कौन सी सर्जरी  है जो आज के युग में भारत में नहीं हो सकती???

इस बात से अब हमें यकीन हो गया कि  वे अन्ना के अनशन से घबराकर अमेरिका ऐश-ओ-आराम करने चली गयी ३ महीने के लिए| (राहुल को भी वही रोक लिया) | अन्ना ने १ महीने पहले ही अनशन का ऐलान कर दिया था, और उनको पता था कि अन्ना जो कहते है वे करते है| ये एक सोची समझी चाल भी है कि कुछ अप्रिय घटना तो होगी ही ( जैसी रामदेव के साथ कि गयी) ,तो इलज़ाम मन मोहन कि टीम पर आएगा| फिर मनमोहन को हटाकर राहुल को "पी. ऍम." बना देंगे|

अब मुद्दे के कुछ सवाल का जवाब जनता को चाहिए |

१)... वे १८ लाख रूपये  पर डे  के अपार्टमेन्ट में 3 महीने आराम करेंगी  लग भग १२ करोड़ रुपया + १२ करोड़ का ऑपरेशन एवं अन्य खर्चा = २४ करोड़  रुपया कहा से आया??? 

निजता कि बात कि जा रही है तो क्या वे २४ करोड़ का सोनिया का निजी खर्च होगा?  अगर हां तो बताये उनके पास कहा से आया ? क्योकि उन्होंने अपनी संपत्तिया १.५ करोड़  और बैंक बैलेंस मात्र ७५ हजार  घोषित किया है| (क्या पैसा स्विस बैंक अकाउंट से आया है???)

या फिर...

ये पैसा सरकारी खजाने  से जनता का है?
अगर जनता का पैसा है तो निजता का बहाना  क्यों?  इनको बताना पड़ेगा कि किस चीज कि सर्जरी थी कि भारत में नहीं हो सकती थी, और सर्जरी के इतने दिन बाद भी राहुल देश वापिस  क्यों नहीं लौटा, वहा पर क्यों ऐश कर रहा है( जनता के पैसे पर) | ( माननीय अटल जी ने तो इस से भी बड़ी सर्जरी अपने भारत में ही करवाई थी)

२)...कांग्रेस कि ओछी घटिया, बयानबाजी देखिये कि वे अन्ना पर आरोप लगा रहे है कि उन्होंने अपने जनम दिन पर २लाख १२ हजार जनता का पैसा बर्बाद किया,,,, 

वाह.. वाह.. वाह... विनाश-काले विपरीत बुद्धि हो गयी हे इनकी....... खिसयानी बिल्ली खम्भा नोचे वाली बात है ये | देश के करोडो - करोड़ स्विस बैंक में जमा करने वाले  ये भ्रष्ट  लोग कितनी ओछी बात करते है यार ,,,इनके ऑफिस  के चपरासी और ड्राईवर भी अपने जनम दिन पर ३-४ लाख खर्च करते है, कितना  ओछा आरोप लगाया  इन बेशर्मो ने| अब ये तो बताना पड़ेगा कि २४ करोड़ का खर्चा जनता के पैसे है या निजी????????

Thursday, 11 August 2011

MAA - THE MOTHER

माँ 

माँ के आते ही 

लौट आता है मेरा बचपन

मेरे असमय सफ़ेद होते बालों

और झुरियाते चेहरे को देख कर

वह चिंतित हो जाती है
 और अपनी गठिया का दर्द भूल कर

बनाने लगती है

शुद्ध घी में गोंद व मेवे के लड्डू

पिलाने लगती है जबरदस्ती

बादाम मिला मलाईदार दूध

झुंझलाती है बहू पर

जो नहीं रखती

उसके फूल से बेटे का ध्यान 

जब खुश होती है

सुनाती है किस्से

जिसमें नन्हा राजकुमार

मैं ही होता हूँ

उस वक्त उसकी आँखों में शैतानी से

मुस्कुराता है मेरा बचपन

जब तक माँ है

नहीं मर सकता

मेरा बचपन |

Monday, 8 August 2011

BHARAT KE NAGRIKO SE EK VINAMRA APPEAL


भारत के नागरिकों से एक विनम्र  निवेदन

मेरे देश वासियों ,
एक विनम्र निवेदन,

हमारे देश को पहले विदेशियों ने लूटा, अब  अपने ही नेता लूट रहे है, पर.....
 हमारे देश का राजनीतिक ढांचा दुनिया से अलग है, मिस्र एवं लीबिया जैसे तानाशाओ का राज नहीं है यहाँ पर|  हमारे लोकतंत्र की जड़े मजबूत है, मतदाता काफी समझदार हो गया है, उसके वोट में बहुत ताकत है, मतदाता की  जागरूकता से जैसा  अभी-अभी   महा-भ्रष्ट, करुना-निधि के दल के साथ हुआ, वैसा ही आने वाले चुनाओ में सभी भ्रष्ट राजनीतिक दलों का सुफडा साफ़ होने वाला है|
इस कारण इन दलों के कई छोटे और बड़े नेता और कार्यकर्ता जो " आप और  हम"  के बीच में ही हमारे साथ रहते है, वे बेरोजगार हो जायेंगे इनकी दूकान-दारी (लूट की) बंद हो जायेगी, और वे स्वयं  अपमानित महसूस करेंगे|
ऐसे समय  में देशवासियों को सय्यम रखना होगा, इन लोगो का तिरस्कार न करिए , इनको मानसिक और सामाजिक सहारा दीजिये, वर्ना ....
वर्ना ... ये उग्र हो जायेंगे, खिसियानी बिल्ली की तरह खम्बा नोंचेंगे,  खुलकर देश द्रोही हो जायेंगे, आतंकवादी बन जायेंगे, हमारे समाज के दुश्मन बन जायेंगे, हम सबके लिए बड़ा खतरा बन जायेंगे|

अतः आम जनता से पुनः निवेदन है, इनको तिरस्कार से न देखे प्यार से सुधरने का मौका दीजिये | आखिर ये हमारे भाई ही है हमारे देश वासी ही है (एक आध को छोड़कर) | विदेशी होते तो तो इनको लात, मारकर भगा देते | पर हमें  इनको प्यार से सुधरने का मौका देना है |

धन्यवाद,

सविनय निवेदक,
लख्मीचंद तोलानी

Wednesday, 3 August 2011

Indian culture and releigion


"हिन्दुस्तानी संस्कृति एवम धर्म "
                                      (एक  द्रष्टिकोण ) 
धर्म का मतलब हिन्दू या मुस्लिम नहीं है | दुनिया में हम मानवो के लिए सिर्फ एक ही धर्म है उसका नाम है  "मानव धर्म " | हिन्दू-मुस्लिम-इसाई आदि, ये सब तो सम्प्रदाय है, संस्कृतियां है, धर्म नहीं है | जैन, सिक्ख, शिया, सुन्नी, केथोलिक ...आदि इन मुख्य सम्प्रदायों के उप- संप्रदाय (शाखाए) है |मंदिर, मस्जित, चर्च,ये अलग-अलग सम्प्रदायों के उपासना स्थल है | धर्म सदैव व्यक्तिगत होता है तथा हर संप्रदाय के लोगो में व्यक्तिगत या सामूहिक स्तर पर विद्यमान होता है | अहिंसा, सत्य, मानवता, गैर-आतंकवाद, नेक-नियति, सदाचार, सचरित्रता, समता, सु-कर्म, कर्त्तव्य पालन, परोपकार,  सेवा, जीव-दया, सहिष्णुता, विनम्रता, आदि.... गुण "मानव धर्म " के होते है इसके विपरीत, हिंसा, असत्य, आतंकवाद, दुराचार, छल-कपट,............आदि ये सब अधर्मी गुण है |

जैसा कि  मैंने कहा धर्म सदा व्यक्तिगत या सामूहिक होता है पर किसी संप्रदाय के सभी लोग धार्मिक या अधार्मिक नहीं होते | कोई भी व्यक्ति, या समूह भी पूर्ण-रूपेण, धार्मिक या अधार्मिक नहीं हो सकता| 

ये हमारा सौभाग्य है कि धर्म और संस्कृति का उदय सर्व प्रथम, हमारे  हिन्दुस्तान में हुआ| मोहन जोदड़ो की "सिन्धु-संस्कृति" सबसे प्राचीन है| "सिन्धु" शब्द, अपभ्रंश होकर "हिन्दू" हो गया, अतः  "सिन्धु-संस्कृति", "हिन्दू-संस्कृति" उच्चारित होने लगी|   अतः हिन्दू संप्रदाय में सर्वाधिक धार्मिक लोग है| यहाँ पर हिन्दू समुदाय से आशय उन सभी लोगो से है है जो मूल रूप से हिन्दू संस्कृति में जन्मे और पले बढे|  बाद में किसी अन्य सम्प्रदाय के  विदेशी लोगों  ने बल पूर्वक या लालच देकर अधार्मिक तरीके से उनको हिन्दू संप्रदाय से अलग करके अन्य संप्रदाय में शामिल किया फिर भी उन सबकी संस्कृति तो हिन्दू ही है | अतः गर्व के साथ हम कह सकते ही कि हिन्दू संस्कृति में पालित पोषित लोग (हिन्दू, मुस्लिम, इसाई,) दुनिया में सबसे ज्यादा धार्मिक है| 
यही कारण है कि राजकीय स्तर पर हमारे देश कि  सरकार में कभी भी अधार्मिक  नीतिया नहीं रही | अर्थात, हमारे देश कि सरकारी नीतिओ में कभी भी आतंकवाद, हिंसा, पैसे की लालच देकर संप्रदाय परिवर्तन कराना ,जैसी अनेतिक बाते नहीं होती है| जबकि चीन, पाकिस्तान, अमेरिका, यूरोप  जैसे कई देशो कि राजकीय नीतिओ में इन अधर्मी गुणों  का समावेश होता है| अमेरिका, यूरोप के देशों कि नीति तो खुले रूप में ही  पैसा देकर  लोगो को इसाई बनाने की है, तथा चीन, अमेरिका एवं कई देश तो  छुप कर आतंकी देश पकिस्तान एवं कई अन्य आतंकी देशों की  मदद करते  है| यदि हम प्रतिशत के मान से देखें, तो दुनिया के सभी मुसलमान और इसाइयों में सबसे ज्याद धार्मिक लोगो का प्रतिशत "हिन्दू-संस्कृति" के मुसलमान और इसाई  लोगो का है|  बाकी देशो के लोगो में धार्मिक लोगो का प्रतिशत बहुत कम है|

धर्म शास्वत एवं  अजर अमर होता है| अधर्म का सर्वदा नाश ही होता है| यही कारण है की "हिन्दू-संस्कृति" में धर्म के समावेश के कारण ही आज तक हमारे हिन्दुस्तान को इतनी बार विदेशीयो द्वारा आक्रमण करके लुटने के बाद भी कोई मिटा नहीं सका | वे सब अधर्मी मर खप गए उनका सर्वनाश हो गया पर "हमारा हिन्दुस्तान " सदा सलामत रहा है और रहेगा ...और पुनः सुपर पावर बनेगा |

अतः गर्व से कहो की हम हिन्दू है .....       ( फिर कहता हू भारतीय मूल के सभी हिन्दू-मुस्लिम-इसाई... सब हिन्दू है.. मतलब "हिन्दू-संस्कृति" के है| दुनिया में केवल "हिन्दू-संस्कृति" ही है जिसमे अधार्मिक गुण नहीं है, दुनिया के कई अन्य संप्रदाय मूलतः अधार्मिक ही है|

आपकी प्रतिक्रिया से कुछ सार्थकता होगी |

धन्यवाद ,

लखमी चंद तोलानी
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