दोस्तों,
जैसा की मैंने १५, अगस्त को अपने ब्लॉग में लिखा था लगता है वैसी ही कुछ रण नीति पर सोनिया चल रही है|
अन्ना ने एक महीने पहले जब ऐलान किया की १६ अगस्त को वे धरने पर बैठेंगे, तो, सोनिया को पता था की अन्ना जो कहते है वो करते है, इसीलिए;;;;
वे एक रण नीति के तहत, खुद सर्जरी के बहाने राहुल को लेकर अमेरिका भाग गयी, अपने वफादार (पट्टीदार) दिग्गी के मुह पे ताला लगा दिया (आजकल दिग्गी इसी रण नीति के कारण खामोश है), जब लोगो ने हल्ला मचाया तो राहुल को वापिस इंडिया तो भेज दिया पर उसको भी खामोश रहने को कहा|
सोनिया की रण नीति यह है की, जैसे रामदेव के साथ कांग्रेस ने लफड़ा किया था, उस से ज्यादा अन्ना के साथ लफड़ा होगा| इसका ठीकरा मन मोहन के सर फोड़कर उनको हटाकर, राहुल के पी. एम्. बन ने का रास्ता साफ़ हो जायेगा|
पर वे ये भूल गयी की की अन्ना(आम जनता) की आंधी इनके पुरे परिवार को उड़ाकर इटली ले जाकर पटक देगी|
जय हिंद, जय भारत|||
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