"मेरा सोहागपुर"
भारत के ह्रदय स्थल मध्य-प्रदेश, के माँ नर्मदा अंचल के जिला होशंगाबाद की एक सुंदर तहसील है "मेरा सोहागपुर"
पल-पल में इठलाती, पल-भर में चढ़ती, फिर पलक झपकते ही उतर जाती, 'नखराली-प्यारी नदिया', 'पलक-मति' के दोनों तट पर बसा है "मेरा सोहागपुर"
पलक्मती किनारे के बरेजों के पेढ़ी के पान, सुनहरी रसीले नीबू, ठन्डे पानी की सुराही, शरबती गेहू, रसीले सुगंधी आम, गन्ना, हरा सुनहरी आवला, अमरुद, जामुन, बेर, देसी सफ़ेद ज्वार, तुअर, सोयाबीन, आदि का उत्पादक एवं निर्यातक है "मेरा सोहागपुर"
शिल्पकार शारदा कुम्हार एवं खडग राम कुम्हार के परिवार द्वारा मिट्टी से निर्मित कलात्मक एवं अति सुंदर श्री गणेश जी और माँ दुर्गा /काली मुर्तियो का निर्यातक भी है "मेरा सोहागपुर"
शंकर-मंदिर, स्टेशन पर राम-मंदिर, माता-मंदिर, हनुमान-नाका, लांघा-बम्होरी, कमानिया गेट, कर्बला, जनता चौक, चित्रा टाकीज, रघुवंशीपुरा, मारुपुरा, मातापुरा, स्कूल, कॉलेज, शोभापुर के राजा की हवेली, रेलवे कालोनी, सिन्धी कालोनी, ईसाई-मोहल्ला,मुस्लिम मोहल्ला, तार-बाहर, ठाणे और मोरसली के पास बस स्टैंड,एवं शुरू से अब तक सिर्फ दो प्लेटफ़ॉर्म वाला अविकसित रेलवे स्टेशन, वाला है "मेरा सोहागपुर"
निस्वार्थ जन सेवक, डाक्टर गंगा विष्णु सिटोके, डाक्टर शोभराज वरंदानी (सिन्धी डाक्टर), डाक्टर होतलदास छाबरिया (चन्द्रा डाक्टर), जैसे कई विशिष्ट जनों की कर्मभूमि रहा "मेरा सोहागपुर"
पिपरिया के बनियों के विरोध एवं षड़यंत्र के कारण "सोहागपुर-पचमढ़ी" सीधी रेल लाइन प्रोजेक्ट " से आज भी वंचित है "मेरा सोहागपुर "
सांप-सपेरो, मदारियों, गरदियो, ग्वालो, नट-नटनियो, बहुरूपियो, बनियों, तेलियो, सुनारों, पटवो, वैद हकीमो, से लेकर अति शिक्षित, डाक्टर, इंजीनियर वकील, शिक्षाविदो, बुद्धि जीवियो, की नगरी है "मेरा सोहागपुर"
बचपन में, मैय्या नर्मदा के किनारे बसे गाँव, इशरपुर, पामली, मुरियाखेरा, में बेलगाडी से आना जाना, ठाकुरों की महिलाओ द्वारा मुझे बच्चा समझकर महिला घाट पर अपने साथ नहाने के लिए लेकर जाना, ऐसी अनके यादो को संजोये हुए है "मेरा सोहागपुर"
सोहागपुर से इश्क करने के कारण अपने वतन वापिस न जाने वाले अंग्रेज आफिसर ' सर एडवर्ड वान' (वान बाबा ), की कर्म स्थली एवं संस्कार भूमि भी रहा "मेरा सोहागपुर"
सत्ताईस मई सन उन्नीस सो चोसठ, पंडित जवाहरलाल के निधन पर शोकसभा में पूरे नगर के लोग पलक्मती तट पर इक्कट्ठे हुए, ऐसा संवेदन शील है "मेरा सोहागपुर "
गणेश उत्सव, डोल ग्यारस एवं महाशिवरात्रि मेला, नवरात्रे में माँ की मनोहर झांकिया, भुजरिया के जुलुस में बॉस की गेड़ी पर नृत्य करते युवक, मुहर्रम के ताजिये के जुलुस के आगे नाचते 'शेर', होली, दीवाली, दशहरा, क्रिसमस, ईद पर एक दूजे से गले मिलाकर सदभाव प्रकट कर ख़ुशी मानते लोग, ऐसा उत्सवी और सुद्रढ़ सामाजिक ढांचे वाला है "मेरा सोहागपुर"
दानवीर सरदार ज्वालासिंह लद्धासिंग, जयमल सिंह, समाज सेवक एवं राजनेता, विनयकुमार दीवान, रामचंद्र महेश्वरी वकील(विधान-सभा उपाध्यक्ष), लक्ष्मणदास गोलानी, बाल्पुरी गोस्वामी, गुप्ता वकील, आदि अनेक समाज सेवको की कर्म भूमि रहा "मेरा सोहागपुर"
हरिकथा वाचक पंडित हरिशंकर सहारिया गुरूजी, कवीवर सुरेश सहारिया, चंदू चंदेल ,मधु गुरूजी, रामलीला मण्डली, आदि अनेक कला विद, धार्मिक एवं साहित्यिक लोगो की कर्म भूमि भी रहा "मेरा सोहागपुर"
गुरुजन नाथूराम साहू ,शामसुंदर तिवारी (बी एस सी मास्साब), सिंह मास्साब, दीक्षित गुरूजी , मधु मास्साब ,छोटेलाल शर्मा , तिवारी मास्साब , हासिल मास्साब ,खान मास्साब ,ठाकुर मास्साब , डी सी चौबे मास्साब, मंडलोई मास्साब, धवले गुरूजी, शरद तिवारी, रघुवंशी मास्साब, बघेल मास्साब, कुरैशी मास्साब , गुप्ता मास्साब, जैसे पूजनीय गुरुजनों की शिक्षा दान भूमि भी रहा "मेरा सोहागपुर"
उद्यमशील सिन्धी समाज के मुखी वसुमल छाबरिया,राधोमल छाबरिया, नाना जम्मुमल, मामा जसंदास ,मोटुमल सेठ,जाड़ोमल सेठ नेमुमल हुन्दामल,इशरदास, सेठ जसुमल तोलानी, मूलचंद तोलानी(मेरे स्वर्गीय पिताश्री), लधाराम तोलानी, काका हीरानंद तोलानी (वर्तमान में), अर्जुनदास तोलानी , पूरा तोलानी परिवार एवं अन्य सिन्धी कर्मवीरो की कर्मभूमि एवं आश्रय भूमि है "मेरा सोहागपुर"
मेरे बचपन की सखिया सुनंदा शर्मा ,शीला महेश्वरी, सखा प्रमोद पस्तारिया, सोमेश सिटोके (ओता भैय्या), राजेंद्र गार्गव, विश्व मोहन गुप्ता, विन्नु तिवारी, चंदू चंदेल, एडविन वान ,एडवर्ड वान ,रवि देहुलिया ,नारायण छाबरिया (पप्पू), जयनारायण शिवहरे, शिवराम जैसवा, धरमदास मंगलानी (आचर), ज्ञान प्रकाश, लछु, सोभा, खेमा, बीखा, हीरा, बबलू,गेला, डब्बू, राजू,अशोक,जमनु, प्रकाश दीवान, कमलेश, आदि अनेक प्यारे दोस्तों की याद दिलाता है "मेरा सोहागपुर"
मेरे जैसे कई इंजिनियर, डाक्टर, वकील, शिक्षाविद, अधिकारी, राजनेता,इत्यादि, को शिक्षित एवं सुसंस्कृत करके देश विदेश की सेवा के लिए नगर से बाहर भेजता रहता है "मेरासोहागपुर"
नयी पौध के सृजनशील,उर्जावान,क्रियाशील,"सोहागपुर राकर्स " के अभिनव शुक्ल, राहुल सोनी, गोरव महेश्वरी, राजेंद्र रघुवंशी, अपर्णा तिवारी, अर्पिता शुक्ल, आशीष गोलानी, मधुर गोलानी, जूही शुक्ल, गरिमा दीवान, मयंका पटेल, मेघा पालीवाल, नेहा वैद, नीहारिका भदोरिया, पल्लवी द्विवेदी, पियूष प्रजापति, रिंकी पालीवाल, सन्नी छाबरिया, अजय गोलानी गोबिंद सराठे, आरती रघुवंशी, आशीष दीवान, राजेश शुक्ल, राजीव सोनी, प्रिन्स तोलानी, प्रीती देशमुख, निधि मालपानी, गरिमा दीवान, सुमित छाबरिया, डार्लि वान, एरिक वान, शालिनी चौरसिया, जैसे अनेकानेक रत्नों से सुशोभित है "मेरा सोहागपुर"
सुन्दर है, संपूर्ण है, सहज है, सरल है, सुसंस्कृत है, प्रकृति के नज़दीक सौंदर्य से भरपूर है, मेरे दिल की धड़कन, मेरी मात्रभूमि-जन्मभूमि, सदा सर्वदा वन्दनीय है ये मेरा प्यारा सोहागपुर " हम सबका सोहागपुर"
ITS WONDERFUL
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